श्रीअन्न हैं जलवायु अनुकूल

119 / 34

Authors

  • मिथलेश कुमार भाकृअनुप-एन.बी.पी.जीआर. क्षेत्राीय केंद्र, जोधपुर (राजस्थान)
  • कीर्ति रानी भाकृअनुप-एन.बी.पी.जीआर. क्षेत्राीय केंद्र, जोधपुर (राजस्थान)
  • अशोक कुमार मीणा भाकृअनुप-एन.बी.पी.जीआर. क्षेत्राीय केंद्र, जोधपुर (राजस्थान)
  • नम्रता भाकृअनुप-एन.बी.पी.जीआर. क्षेत्राीय केंद्र, जोधपुर (राजस्थान)
  • मोतीलाल मेहरिया भाकृअनुप-एन.बी.पी.जीआर. क्षेत्राीय केंद्र, जोधपुर (राजस्थान)

Abstract

सामान्य तौर पर श्रीअन्न से लोगों को बाजरे का ध्यान आता है। इसका कारण यह है कि बाजरा, श्रीअन्न में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है। वास्तव में मोटे दाने वाले अनाज की तुलना में छोटे दाने वाले अनाज (कंगनी, हरी व छोटी कंगनी, कुटकी, कोदो, सांवां एवं चीना) में अधिक पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं। श्रीअन्न फसलें जलवायु अनुकूल होती हैं। ये फसलें किसी भी मृदा
जैसे-रेतीली, शुष्क अनुपजाऊ इत्यादि एवं इसके साथ-साथ शुष्क और अर्धशुष्क जलवायु में पनपने की क्षमता रखती हैं।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2024-06-19

How to Cite

मिथलेश कुमार, कीर्ति रानी, अशोक कुमार मीणा, नम्रता, & मोतीलाल मेहरिया. (2024). श्रीअन्न हैं जलवायु अनुकूल. खेती, 77(1), 13. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1132