मुर्गीपालन से कमाई

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Authors

  • अर्पण उपाध्याय
  • मारूपफ अहमद
  • अतीक अहमद
  • निशी राय

Abstract

मुर्गीपालन भूमिहीन लघु एवं सीमान्त कृषकों के लिए आय का एक उत्तम विकल्प है। इसे कृषक व्यवसाय के रूप में अपनाकर अपनी आय में वृ(ि कर सकते हैं। मुर्गीपालन में लगने वाली लागत कम, जबकि मुनापफा कई गुना ज्यादा होता है। कुक्कुट मांस मानव आहार को संतुलित करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, खनिज और विटामिन का एक महत्वपूर्ण स्रोत है। कृषक इसे छोटे स्तर पर अहाता मुर्गीपालन से शुरू कर बड़े व्यावसायिक स्तर पर मुर्गी पफार्म बनाकर अपनी आय को बढ़ा सकते हैं। प्रस्तुत सपफलता गाथा में एक भूमिहीन कृषक श्री पवन का अनुभव है। इसमें वह कृषि विज्ञान केन्द्र, भरारी, झांसी के वैज्ञानिकों के मार्गदर्शन में बैकयार्ड मुर्गीपालन की शुरूआत कर वर्तमान में 400 पक्षियों की क्षमता का शेड बनाकर मुर्गीपालन कर आय अर्जित कर रहे हैं तथा उचित प्रकार से अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं।

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Published

2023-02-17

How to Cite

उपाध्याय अर्पण, अहमद मारूपफ, अहमद अतीक, & राय निशी. (2023). मुर्गीपालन से कमाई. खेती, 75(10), 9-10. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/138