प्रचलित होती बहुपरत खेती

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Authors

  • धीर प्रताप
  • मोहम्मद हसनैन
  • ध्रुवेंद्र सिंह सचान
  • राजीव कुमार सिंह
  • अंकुर त्रिपाठी

Abstract

भारत वर्षभर कृषि उत्पादन और कृषि-जलवायु परिस्थितियों की एक विस्तृत शृंखला के साथ एक विविधतापूर्ण देश है। कापफी बड़ी आबादी आजीविका के लिए या आय के स्रोत के रूप में कृषि पर निर्भर है। तेजी से शहरीकरण, राजमार्ग निर्माण और उत्पादक भूमि में गिरावट के परिणामस्वरूप पफसल कटाव, मृदा लवणता और पानी की निकासी बढ़ रही है। इसके अलावा,
मानव-सह-भूमि अनुपात बढ़ रहा है। बहुपरत खेती एक नवीन तकनीक है, जिसका किसानों की आय बृद्धि करने में एक महत्वपूर्ण योगदान साबित होगा।

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Published

2023-02-17

How to Cite

प्रताप धीर, हसनैन मोहम्मद, सचान ध्रुवेंद्र सिंह, सिंह राजीव कुमार, & त्रिपाठी अंकुर. (2023). प्रचलित होती बहुपरत खेती. खेती, 75(10), 21-23. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/144