कृषि में मौसम पूर्वानुमान का महत्व

771 / 60

Authors

  • योगेश कुमार
  • धर्मेंद्र सिंह
  • वेदप्रकाश
  • डांगी पूजा अरुण

Abstract

आज के दौर में कृषि मुख्य रूप से ऋतू और मौसम पर निर्भर है। जब विभिन्न प्रकार के पफलों, सब्जियों और दालों की खेती की बात आती है, तो तापमान बहुत मायने रखता है। सबसे पहले समझना होगा कि मौसम किसे कहते है। वायुमंडल में होने वाले अचानक एवं अस्थायी परिवर्तन को मौसम कहते हैं अथवा किसी विशेष समय पर वायुमंडल की अवस्था को मौसम कहते हैं। मौसम एक छोटे क्षेत्रा एवं बहुत कम समय के लिये होता है जैसे एक दिन, सप्ताह, एक माह आदि। यह भी समझना होगा कि जलवायु किसे कहते हैं-वर्ष के विभिन्न महीनों में किसी स्थान के वायुमंडल में परिवर्तन की अवस्था, तापमान, वातावरण में नमी के परिमाण और वर्षा आदि के मिश्रित प्रभाव को जलवायु कहते हैं। किसी निश्चित क्षेत्रा के दीर्घकालीन वायुमंडलीय या मौसम की दशाओं का औसत जलवायु कहलाता है।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2023-02-17

How to Cite

कुमार योगेश, सिंह धर्मेंद्र, वेदप्रकाश, & अरुण डांगी पूजा. (2023). कृषि में मौसम पूर्वानुमान का महत्व. खेती, 75(10), 42-44. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/153