कृषि में मौसम पूर्वानुमान का महत्व
771 / 60Abstract
आज के दौर में कृषि मुख्य रूप से ऋतू और मौसम पर निर्भर है। जब विभिन्न प्रकार के पफलों, सब्जियों और दालों की खेती की बात आती है, तो तापमान बहुत मायने रखता है। सबसे पहले समझना होगा कि मौसम किसे कहते है। वायुमंडल में होने वाले अचानक एवं अस्थायी परिवर्तन को मौसम कहते हैं अथवा किसी विशेष समय पर वायुमंडल की अवस्था को मौसम कहते हैं। मौसम एक छोटे क्षेत्रा एवं बहुत कम समय के लिये होता है जैसे एक दिन, सप्ताह, एक माह आदि। यह भी समझना होगा कि जलवायु किसे कहते हैं-वर्ष के विभिन्न महीनों में किसी स्थान के वायुमंडल में परिवर्तन की अवस्था, तापमान, वातावरण में नमी के परिमाण और वर्षा आदि के मिश्रित प्रभाव को जलवायु कहते हैं। किसी निश्चित क्षेत्रा के दीर्घकालीन वायुमंडलीय या मौसम की दशाओं का औसत जलवायु कहलाता है।
Downloads
Downloads
Published
Issue
Section
License
Copyright (c) 2023 खेती

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-ShareAlike 4.0 International License.
खेती में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।