मृदा नमी संरक्षण का फसलोत्पादन में महत्व

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Authors

  • नीरज बागोरिया
  • राजेंद्र बैरवा
  • सतदेव

Abstract

मृदा नमी पौधे के समग्र विकास के लिए अहम घटक है। मृदा नमी स्थिरांक वर्तमान नमी को निर्धारित करने के लिए आवश्यक है। इसका तात्पर्य सिंचाई की अवधि का पूर्वानुमान लगाने तथा पफसल की जल मांग के निर्धारण से है। मृदा जल मुख्यतः तीन प्रकार का होता है-संतृप्त, असंतृप्त और जल वाष्प। मृदा में पानी के प्रवेश के अन्य तरीकों में वर्षा जल और अपवाह अधिक योगदान देता है।

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Published

2023-02-17

How to Cite

बागोरिया नीरज, बैरवा राजेंद्र, & सतदेव. (2023). मृदा नमी संरक्षण का फसलोत्पादन में महत्व. खेती, 75(10), 54-55. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/158