सर्दियों के मौसम में पशुधन का प्रभावी प्रबंधन

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Authors

  • JAI PARKASH ICAR KVK

Keywords:

आश्रय प्रबंधन, कोलोस्ट्रम, प्रतिकूल जलवायु

Abstract

सर्दी का मौसम डेरी पालकों के लिए एक अनोखी चुनौती प्रस्तुत करता है, जो सीधे तौर पर पशुधन की उत्पादकता को प्रभावित करती है। ठंडा तापमान, नमीयुक्त वातावरण और चारे की सीमित उपलब्धता के कारण झुंड के स्वास्थ्य एवं उत्पादन को बनाए रखने के लिए विशेष और सावधानीपूर्वक प्रबंधन की आवश्यकता होती है। जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है और तापमान गिरता है, डेरी पालकों के सामने अपने पशुओं को ठंड के प्रतिकूल प्रभावों से सुरक्षित रखने की चुनौती और भी गंभीर हो जाती है। यदि उचित देखभाल न की जाए, तो इससे दूध उत्पादन में कमी, रोगों के प्रति संवेदनशीलता में वृद्धि तथा गंभीर परिस्थितियों में पशुओं की मृत्यु तक हो सकती है। पशुधन को अपने शरीर का सामान्य तापमान लगभग 101–102° बनाए रखने के लिए अतिरिक्त ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है, जो सर्दी में एक बड़ी चुनौती बन जाती है। हालांकि, यदि प्रभावी प्रबंधन रणनीतियाँ अपनाई जाएँ, तो डेरी किसान न केवल अपने पशुओं की भलाई सुनिश्चित कर सकते हैं, बल्कि पूरे सर्दी मौसम में इष्टतम दूध उत्पादन भी बनाए रख सकते हैं।

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Author Biography

  • JAI PARKASH, ICAR KVK

    Dr Jai Parkash

    Scientist, Animal Husbandry

    PhD, (LPT, Veterinary Science), KVK Delhi 

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Published

2026-03-20

How to Cite

JAI PARKASH. (2026). सर्दियों के मौसम में पशुधन का प्रभावी प्रबंधन. खेती, 78(10). https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1650