दलहन भंडारण में पल्स भृंग का प्रबंधन

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Authors

  • उत्कर्ष उपाध्याय Assistant Professor
  • ब्रजराज शरण तिवारी
  • कु. जागृति मिश्रा
  • मोहित तिवारी
  • जितेन्द्र ओझा

Abstract

दालों का प्रमुख भंडारण कीट पल्स बीटल (भृंग) भंडारण के दौरान एक गंभीर समस्या बन जाता है, जिससे दालों की गुणवत्ता घटती है तथा भारी मात्रा में नुकसान होता है। पल्स बीटल के प्रभावी नियंत्रण के लिए एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) को एक कारगर रणनीति माना जाता है, जिसमें रासायनिक, जैविक एवं भौतिक उपायों का समन्वित उपयोग किया जाता है। इस अध्ययन में पल्स बीटल नियंत्रण की विभिन्न तकनीकों का परीक्षण किया गया, जैसे दालों का वैज्ञानिक तरीके से भंडारण, कीटों की नियमित निगरानी तथा प्राकृतिक शत्रुओं का उपयोग। इसके साथ ही, रासायनिक कीटनाशकों के सीमित एवं विवेकपूर्ण प्रयोग के साथ जैविक उपायों, जैसे परजीवी कीटों के उपयोग को भी शामिल किया गया। परिणामस्वरूप, एकीकृत प्रबंधन पद्धति पल्स बीटल नियंत्रण में प्रभावी सिद्ध हुई तथा यह पर्यावरण और आर्थिक दृष्टि से भी लाभकारी पाई गई। इस अध्ययन के निष्कर्ष दालों के सुरक्षित भंडारण एवं पल्स बीटल के प्रभावी नियंत्रण हेतु उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

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Published

2026-04-13

How to Cite

उत्कर्ष उपाध्याय, ब्रजराज शरण तिवारी, कु. जागृति मिश्रा, मोहित तिवारी, & जितेन्द्र ओझा. (2026). दलहन भंडारण में पल्स भृंग का प्रबंधन. खेती, 78(12). https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1699