कृषि में सस्य विज्ञान की बढ़ती भूमिका

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Authors

  • शुभ्रांशु सिंह Division of Agricultural Extension,ICAR, KAB-1, Pusa, New Delhi, 110012

Keywords:

मिट्टी स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, जलवायु परिवर्तन, फसल पोषण, फसल विविधीकरण

Abstract

खेती मानव सभ्यता की आधारशिला रही है, लेकिन बदलते पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य ने कृषि को एक नई दिशा में सोचने के लिए बाध्य किया है। आज की खेती केवल परंपरा या अनुभव तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि इसे विज्ञान आधारित समझ के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक हो गया है। विज्ञान आधारित एग्रोनॉमी खेती को अधिक तर्कसंगत, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की क्षमता रखती है। यह लेख खेती के भविष्य को मानवीय दृष्टिकोण से देखते हुए यह स्पष्ट करता है कि किस प्रकार वैज्ञानिक सोच, मिट्टी, जल, बीज, पोषण और तकनीक के साथ तालमेल बनाकर किसान को सशक्त बनाया जा सकता है। लेख का केंद्र बिंदु यह है कि जब विज्ञान खेत तक संवेदनशील और व्यावहारिक रूप में पहुँचता है, तब खेती केवल उत्पादन का माध्यम नहीं रहती, बल्कि एक संतुलित जीवन पद्धति बन जाती है।

 

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Published

2026-06-05

How to Cite

शुभ्रांशु सिंह. (2026). कृषि में सस्य विज्ञान की बढ़ती भूमिका. खेती, 79(2), 31-32. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1708