ड्रोन तकनीक से स्मार्ट कृषि

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Authors

  • सतीश भागवतराव आहेर 8435371137
  • मनोज कुमार तरवरिया

Keywords:

आधुनिक कृषि, ड्रोन तकनीक, स्मार्ट खेती

Abstract

“भारत जैसे कृषि प्रधान देश में बढ़ती जनसंख्या, जलवायु परिवर्तन, श्रमिकों की कमी और सीमित प्राकृतिक संसाधनों के बीच कृषि को अधिक उत्पादक और टिकाऊ बनाना समय की आवश्यकता है। पारंपरिक खेती की चुनौतियों का समाधान आधुनिक तकनीकों के माध्यम से संभव है, जिनमें ड्रोन तकनीक एक महत्वपूर्ण नवाचार के रूप में उभर रही है। मानव-रहित हवाई वाहन (UAV) आधारित ड्रोन उच्च-रिज़ॉल्यूशन कैमरों, मल्टीस्पेक्ट्रल एवं थर्मल सेंसर तथा जीपीएस प्रणाली से लैस होते हैं, जो फसल निगरानी, सटीक छिड़काव, सिंचाई प्रबंधन, भूमि सर्वेक्षण और उत्पादन पूर्वानुमान में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। ड्रोन के माध्यम से कम समय में बड़े क्षेत्र का छिड़काव संभव है, जिससे श्रम लागत में कमी, रसायनों का संतुलित उपयोग और पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित होता है। साथ ही, वास्तविक समय में फसल विश्लेषण से किसान बेहतर निर्णय ले सकते हैं। यद्यपि उच्च लागत, प्रशिक्षण की आवश्यकता और नियामकीय चुनौतियाँ मौजूद हैं, फिर भी सरकारी सहयोग और तकनीकी प्रगति से ड्रोन भारतीय कृषि को श्रम-प्रधान प्रणाली से तकनीक-प्रधान, स्मार्ट और टिकाऊ कृषि की दिशा में आगे बढ़ाने की क्षमता रखते हैं।”

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Published

2026-06-05

How to Cite

सतीश भागवतराव आहेर, & तरवरिया मनोज कुमार. (2026). ड्रोन तकनीक से स्मार्ट कृषि. खेती, 79(2), 4-6. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/1762