तनावग्रस्त गायों में सूक्ष्म पोषक तत्वों की भूमिका
39 / 83Abstract
जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक स्तर पर तापमान में निरंतर वृ(ि हो रही है। भारत में हाल के वर्षों में अत्यधिक गर्मी के लंबे दौर देखने को मिले हैं, जिनके परिणामस्वरूप पशुधन की उत्पादन क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। गर्मी के तनाव के कारण दुग्ध उत्पादन में लगभग 30 प्रतिशत तक की गिरावट तथा गर्भाधान दर में 20 से 30 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। जब किसी पशु की गर्मी सहन करने की क्षमता, उसके द्वारा शरीर से ऊष्मा का अपव्यय करने की क्षमता से अधिक हो जाती है, तब गर्मी
का तनाव उत्पन्न होता है। अत्यधिक तापमान के प्रभाव से पशुओं में ऑक्सीडेटिव (ऑक्सीकारक) तनाव बढ़ जाता है। इससे उनकी प्रतिरक्षा प्रणाली और प्रजनन तंत्रा पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। गर्मी के कारण दुधारू पशुओं के विकास, प्रजनन तथा दुग्ध उत्पादन क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। हालांकि, पर्यावरणीय प्रबंधन और आहार संबंधी सुधारों के माध्यम से गर्मी के दुष्प्रभावों को कापफी हद तक कम किया जा सकता है। अत्यधिक गर्मी के कारण पशुओं में ऑक्सीडेटिव (ऑक्सीकारक) क्षति उत्पन्न होती है, जो उनके स्वास्थ्य और उत्पादन क्षमता को प्रभावित करती है। इसलिए इस क्षति को रोकने के लिए आहार में पर्याप्त मात्रा में सूक्ष्म पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट्स की पूर्ति करना आवश्यक होता है।
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