कृषि व्यवसाय ऊष्मायन केंद्र से उद्यमिता
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कृषि नवाचार और प्रशिक्षण , कृषि-ऊष्मायन केंद्र, कृषि-उद्यमिता , अन्नदाता सशक्तिकरण , आजीविका उद्यमिता, आत्मनिर्भर भारत, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, जैविक खेती, हस्तशिल्प, महिला सशक्तिकरण, मूल्य संवर्धनAbstract
भाकृअनुप–केंद्रीय कपास प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, मुंबई द्वारा संचालित आर.के.वी.वाई. कृषि व्यवसाय इनक्यूबेटर कृषि नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख मंच बनकर उभर रहा है। यह कार्यक्रम एग्री-टेक, खाद्य प्रसंस्करण, ग्रामीण नवाचार एवं सतत कृषि तकनीकों जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन एवं इन्क्यूबेशन सुविधाएँ प्रदान कर रहा है। इस पहल के माध्यम से महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, न्यूनतम व्यवहार्य उत्पादों का विकास, रोजगार सृजन तथा किसानों तक उन्नत तकनीकों की पहुँच सुनिश्चित हुई है। लेख में प्रस्तुत कृषि अपशिष्ट प्रबंधन, डिहाइड्रेशन तकनीक, पर्यावरण-अनुकूल उत्पाद एवं मूल्य संवर्धित गुड़ आधारित स्टार्टअप्स की सफलताएँ दर्शाती हैं कि संस्थान नवाचार आधारित आत्मनिर्भर कृषि अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
भारत आज विश्व के अग्रणी स्टार्टअप इकोसिस्टम में अपनी सशक्त पहचान बना चुका है। 2 लाख से अधिक DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स एवं 12.42 लाख से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के साथ भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है। ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में वर्ष 2017 के 60वें स्थान से वर्ष 2022 में 40वें स्थान तक पहुँचना देश की बढ़ती नवाचार क्षमता एवं उद्यमिता संस्कृति को दर्शाता है।
इसी परिप्रेक्ष्य में सिरकोट, मुंबई कृषि प्रसंस्करण एवं कृषि-आधारित नवाचार के क्षेत्र में एक अग्रणी संस्थान के रूप में कार्यरत है। संस्थान की प्रयोगशालाएँ उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान, परीक्षण एवं तकनीकी परामर्श प्रदान करती हैं। जनवरी 2019 में संस्थान को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत कृषि व्यवसाय इनक्यूबेटर (आर.-ए.बी.आई.) के रूप में मान्यता प्राप्त हुई, जिसके बाद इसकी गतिविधियाँ कपास मूल्य श्रृंखला से आगे बढ़कर एग्री-टेक, फूड प्रोसेसिंग, कटाई उपरांत, ग्रामीण नवाचार एवं सतत कृषि तकनीकों तक विस्तारित हुईं।
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