सूक्ष्म शैवाल से लिपिड का निष्कर्षण

118 / 51

Authors

  • सचिन गजेंद्र भाकृअनुप-केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल (मध्य प्रदेश)
  • स्वप्नजा के. जाधव भाकृअनुप-केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल (मध्य प्रदेश)
  • संदीप गांगिल भाकृअनुप-केन्द्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल (मध्य प्रदेश)

Abstract

सूक्ष्म शैवाल बहुत छोटे एककोशिकीय जीव हैं जो प्रकाश संश्लेषण के माध्यम से सौर ऊर्जा को रासायनिक ऊर्जा में बदलने में सक्षम हैं। इनमें कई जैव सक्रिय यौगिक होते हैं जिनका व्यावसायिक तौर पर उपयोग किया जा सकता है। सूक्ष्म शैवाल जैव ईंधन का अक्षय स्रोत हैं। बायो गैस स्लरी आधारित ग्रोथ मीडिया का उपयोग करके सूक्ष्म शैवाल बायोमास का उत्पादन किया जाता है। सूक्ष्म शैवाल के उत्पादन के बाद सूक्ष्म शैवाल को इलेक्ट्रोलाइटिक फ्रलोक्यूलेशन विधि द्वारा इकट्ठा करते हैं। पिफर सूक्ष्म शैवाल बायोमास को सुखाते हैं। सूखे सूक्ष्म शैवाल से लिपिड प्राप्त किया जा सकता है। लिपिड प्राप्त करने के लिए विलायक निष्कर्षण विधि का प्रयोग किया गया। इस विधि के लिए प्रयुक्त विलायक एन-हेक्सेन है। 2 घंटे की अवधि के लिए 70 डिग्री सेल्सियस तापमान पर लिपिड निष्कर्षण किया गया। विलायक से लिपिड को 70 डिग्री सेल्सियस के ऑपरेटिंग तापमान पर रोटरी वाष्पीकरण का उपयोग करके अलग किया गया। लगभग 65 प्रतिशत लिपिड विलायक प्रक्रिया के दौरान निकाला जा सकता है। प्राप्त विलायक का अगले निष्कर्षण कार्यों में पुनः उपयोग किया जा सकता है। सूक्ष्म शैवाल की लिपिड मात्रा 16 से 18 प्रतिशत पाई गयी।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2023-03-17

How to Cite

गजेंद्र सचिन, जाधव स्वप्नजा के., & गांगिल संदीप. (2023). सूक्ष्म शैवाल से लिपिड का निष्कर्षण. खेती, 75(11), 18-19. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/201