राजस्थान में खडीन सुधार के माॅडल

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Authors

  • डी. कुमार आरआरएस, काजरी, जैसलमेर (राजस्थान)
  • एस.सी. मीना आरआरएस, काजरी, जैसलमेर (राजस्थान)
  • एम. पाटीदार आरआरएस, काजरी, जैसलमेर (राजस्थान)

Abstract

जलग्रहण क्षेत्रा से निकलने वाला अपवाह मिट्टी के ‘बंड’ से घिरी निचली घाटी के तल में जमा हो जाता है। इकट्ठा किया गया पानी पूरे मानसून काल में खडीन में खड़ा रहता है। यह नवंबर के पहले सप्ताह तक मृदा के नीचे गायब हो जाता है, जिससे सतह नम हो जाती है। यदि खड़ा पानी अधिक समय तक बना रहता है, तो इसे बुआई से पहले स्लुइस के माध्यम से छोड़ दिया जाता है। इसके बाद गेहूं या चने की बुआई की जाती है। ये पफसलें बिना सिंचाई के पक जाती हैं।

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Published

2023-03-17

How to Cite

कुमार डी., मीना एस.सी., & पाटीदार एम. (2023). राजस्थान में खडीन सुधार के माॅडल. खेती, 75(11), 22-23. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/203