देसी गोवंश आधारित लाभकारी डेरी व्यवसाय

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Authors

  • महेन्द्र सिंह Professor (Animal Science) & Director Extension Education
  • गुंजन सनाढ्य, रिशिका चौधरी, घनश्याम मीणा और राकेश कुमार

Keywords:

डेयरी, ग्रामीण विकास, उद्यमिता विकास, महिला समृद्धि

Abstract

डेयरी की ग्रामीण क्षेत्रों में पोषण सुरक्षा, रोजगार, गरीबी उन्मूलन एवं आर्थिक समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका है। हमारे पास विशाल पशु सम्पदा है, पशुपालन प्रौद्योगिकी का उपयोग करके विश्व की खुली अर्थव्यवस्था में हमारा डेयरी क्षेत्र किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन में महिलाओं/युवाओं की भूमिका बढ़ रही है, इन्हें डेयरी उद्यमी बनाने के लिए उनमें उद्यमिता का विकास किये जाने की आवश्यकता है, जिसमें कृषि विज्ञान केन्द्र, डेरी अनुसंधान संस्थान, कृषि विश्वविद्यालय, पशुपालन विभाग आदि और अधिक सार्थक भूमिका निभा सकते हैं।

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Published

2026-09-15

How to Cite

महेन्द्र सिंह, & गुंजन सनाढ्य, रिशिका चौधरी, घनश्याम मीणा और राकेश कुमार. (2026). देसी गोवंश आधारित लाभकारी डेरी व्यवसाय. खेती, 79(5), 4-6. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/2088