पूसा शालीमार मक्का हाइब्रिड-1
4 / 3Keywords:
मक्का, संकर किस्म, खरीफ फसल, उच्च उत्पादन, फसल प्रबंधन, पर्वतीय एवं शीतोष्ण क्षेत्रAbstract
भारत में मक्का (ज़िया मेज़ एल.) देश की प्रमुख खाद्यान्न फसलों में से एक है, जिसका उपयोग मानव आहार, पशु चारा, मुर्गीपालन उद्योग तथा स्टार्च, तेल, ग्लूकोज और अन्य प्रसंस्कृत उत्पादों के निर्माण में व्यापक रूप से किया जाता है। बदलती जलवायु, सीमित कृषि संसाधनों तथा पर्वतीय क्षेत्रों की विशिष्ट परिस्थितियों को देखते हुए ऐसी संकर किस्मों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है, जो कम तापमान, सीमित संसाधनों और प्रतिकूल परिस्थितियों में भी स्थिर एवं अधिक उत्पादन दे सकें। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आईसीएआर-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-IARI), नई दिल्ली तथा शेर-ए-कश्मीर यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज़ एंड टेक्नोलॉजी (SKUAST), जम्मू के संयुक्त प्रयासों से पूसा शालीमार मक्का हाइब्रिड-1 (पीएसएमएच-1) का विकास किया गया है। यह संकर विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर के मैदानी एवं पर्वतीय क्षेत्रों के लिए विकसित की गई है और वर्ष 2024 में अधिसूचित की जा चुकी है। इसकी उच्च उपज क्षमता, कम अवधि में पकने की विशेषता, प्रमुख रोगों के प्रति सहनशीलता तथा बहुफसली प्रणाली के लिए उपयुक्तता इसे पर्वतीय कृषि के लिए एक उत्कृष्ट विकल्प बनाती है।
Downloads
Downloads
Published
Issue
Section
License
Copyright (c) 2026 खेती

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License.
खेती में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।