लाख की वैज्ञानिक खेती से मिली समृद्धि

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Authors

  • उदय कुमार एम एस Scientist ICAR-NISA Ranchi
  • राजवर्धन पाटील Scientist ICAR NISA Ranchi
  • परमानंद साहू Scientist ICAR NISA Ranchi
  • संजय कुमार पाण्डेय Scientist ICAR NISA Ranchi
  • दिनेश कुमार Technician ICAR NISA Ranchi

Keywords:

लाख , वैज्ञानिक प्रशिक्षण , रोजगार , बीज संचार

Abstract

झारखण्ड के सिमडेगा जिले के बानो प्रखण्ड अंतर्गत सुमिगबेड़ा गाँव के किसान श्री सलेम गुरिया की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि यदि किसानों को सही समय पर वैज्ञानिक प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और मेहनत का साथ मिल जाए, तो वे अपनी आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय परिवर्तन ला सकते हैं। कभी गरीबी और मजदूरी के सहारे जीवनयापन करने वाले सलेम गुरिया आज लाख उत्पादन के माध्यम से लाखों रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं तथा अपने क्षेत्र के अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का स्रोत बन चुके हैं।
सलेम गुरिया एक साधारण एवं आर्थिक रूप से कमजोर किसान परिवार से आते हैं। उनके पास लगभग 70 कुसुम के पेड़ हैं, लेकिन लाख की वैज्ञानिक खेती की जानकारी के अभाव में इन पेड़ों का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा था। परिवार की आजीविका मुख्य रूप से धान एवं गेहूँ की खेती पर निर्भर थी। खेती से होने वाली आय सीमित होने के कारण परिवार का भरण-पोषण कठिनाई से हो पाता था। आर्थिक तंगी इतनी अधिक थी कि खेती के साथ-साथ उन्हें मजदूरी भी करनी पड़ती थी, ताकि परिवार की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके।

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Published

2026-10-15

How to Cite

उदय कुमार एम एस, राजवर्धन पाटील, परमानंद साहू, संजय कुमार पाण्डेय, & दिनेश कुमार. (2026). लाख की वैज्ञानिक खेती से मिली समृद्धि. खेती, 79(6), 25-26. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/2251