पशुधन स्वास्थ्य में लाभकारी इन्फ्रारेड थर्मल इमेजिंग तकनीक
27 / 37Abstract
इन्फ्रारेड थर्मल इमेजिंग पशुओं में समय पर तनाव एवं रोगों की पहचान और निगरानी के लिए एक उपयोगी तकनीक है। यह तकनीक पारंपरिक नैदानिक विधियों की तुलना में काफी लाभकारी है, जिसके उपयोग से समय पर पशु कल्याण में सुधार सुनिश्चित किया जा सकता है। यह उपकरण इस सिद्धांत पर कार्य करता है, जिसके अनुसार पशु के शरीर द्वारा उत्पन्न इन्फ्रारेड विकिरण को कैप्चर और विश्लेषित किया जाता है, जो पशुओं की भौतिक स्थिति, स्वास्थ्य स्थिति और थर्मल संतुलन से संबंधित होता है। इस
तकनीक में उत्तेजना और रोग के प्रसार से संबंधित तापमान में होने वाले परिवर्तनों को जानने की क्षमता होती है। इस कारण थनैला, श्वसन रोग, लंगड़ापन और संक्रमण जैसे रोगों के समय पर होने वाले लक्षणों की पहचान हेतु यह एक महत्वपूर्ण तकनीक है। आने वाले समय में इस तकनीक के उपयोग से पशुधन प्रबंधन में इसकी व्यापक संभावनाएं हैं, जिससे रोग की समय पर पहचान सुनिश्चित करने और कृषि क्षेत्रा में पशु स्वास्थ्य, कल्याण तथा अंततः उत्पादकता में सुधार करने में मदद मिलेगी।
Downloads
Downloads
Published
Issue
Section
License
Copyright (c) 2026 खेती

This work is licensed under a Creative Commons Attribution-NonCommercial-NoDerivatives 4.0 International License.
खेती में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।