रेनबो ट्राउट का वैज्ञानिक पालन एवं प्रजनन
35 / 33Abstract
रेनबो ट्राउट शीतजल में पाली जाने वाली एक महत्वपूर्ण एवं उच्च मूल्य वाली मत्स्य प्रजाति है, जिसका वैज्ञानिक नाम ओंकोरिंकस माइकिस है। शरीर के मध्य भाग में दिखाई देने वाली इंद्रधनुषी रंग की पट्टी के कारण इसे ‘रेनबो ट्राउट’ कहा जाता है। भारत में इस प्रजाति को सर्वप्रथम कश्मीर में इंग्लैंड के ब्रिस्टल वाटर वक्र्स से मनोरंजक मत्स्य आखेट (स्पोर्ट फिशिंग) के उद्देश्य से लाया गया था। रेनबो ट्राउट के सफल पालन के लिए स्वच्छ, ठंडा और घुलित ऑक्सीजन से भरपूर जल आवश्यक है। पर्वतीय क्षेत्रों में 8-18 डिग्री सेल्सियस तापमान तथा 7.0 मि.ग्रा./लीटर या इससे अधिक घुलित ऑक्सीजन वाले स्वच्छ एवं प्रवाहयुक्त जल में इसका पालन सफलतापूर्वक किया जा सकता है। अपने उत्कृष्ट स्वाद, पौष्टिकता और बाजार मूल्य के कारण इस मछली की घरेलू एवं अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है। देश में वर्ष 2024-25 के दौरान ट्राउट का उत्पादन लगभग 6,000 टन रहा। अनुकूल शीतजल संसाधनों का वैज्ञानिक तकनीक से उपयोग कर रेनबो ट्राउट पालन को पर्वतीय क्षेत्रों में आय और रोजगार के एक लाभकारी उद्यम के रूप में विकसित किया जा सकता है।
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