पशु आहार की गुणवत्ता का परीक्षण

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Authors

  • प्रमोद शर्मा पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय, रीवा (मध्य प्रदेश)

Abstract

सन्तुलित आहार पशुओं को प्रदान करना पशु उत्पादन का महत्वपूर्ण आधार है। विभिन्न प्रकार के पशुपालन व्यवसाय जैसे-डेरी, बकरी, भेड़, शूकर एवं मुर्गीपालन इत्यादि में कुल व्यय का लगभग 60-70 प्रतिशत अंश पशु आहारों पर खर्च होता है। पशुपालक, पशु आहारों के अवयवों की गुणवत्ता, जितनी अच्छी रखेगा, तो वह पशुपालन की लागत को उतना ही कम कर सकता है। अतः मवेशियों के आहारों की गुणवत्ता का ज्ञान पशुपालक को होना बहुत ही आवश्यक है। पशुपालक को जितना अधिक आहार एवं उसके अवयवों की गुणवत्ता की जानकारी होगी, तो निश्चित ही अधिक लाभ प्राप्त होगा। सन्तुलित पशु आहार बनाने में उपयोग होने वाले अवयवों में मुख्य रूप से अनाजों के रूप में मक्का, ज्वार, बाजरा, कोदो, कुटकी, रागी एवं अनाज उप-उत्पाद के रूप में गेहूं का चापड़, धान का कोड़ा, खली के रूप में मूंगफली, सोयाबीन, सरसों, कपास, रामतिल, तिल एवं अलसी की खली एवं खनिज मिश्रण का उपयोग होता है।

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Published

2023-05-12

How to Cite

शर्मा प्रमोद. (2023). पशु आहार की गुणवत्ता का परीक्षण. खेती, 75(12), 10-11. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/289