सहजन का चारा महत्व

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Authors

  • पवन कुमार माहौर भाकृअनपु -केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसन्धान संसथान, अविकानगर

Abstract

मोरिंगा या सहजन एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है और किसी भी अन्य चारा पफसल/पेड़ की तुलना में प्रति इकाई क्षेत्रा में विशाल बायोमास पैदा करता है। जुगाली करने वाले पशुओं के लिए एक आदर्श चारा वृक्ष मोरिंगा ;मोरिंगा ओलीपेफरा एल.द्ध है। इसे पफली के लिए सहज वृक्ष के रूप में जाना जाता है। भारतीय उपमहाद्वीप का यह तेजी से बढ़ने वाला पेड़, बहुद्देश्यीय उपयोग के लिए पूरे उष्णकटिबंध में उगाया जाता ह।ै मानवीय भोजन, पशुधन चारा, दवा, डाई, जल-शोधन और इसकी व्यापक अनुकूलन क्षमता के कारण इसे आसानी से उगाया जा सकता है। इसकी पत्तियों में विभिन्न आवश्यक अमीनो अम्ल के साथ उच्च प्रोटीन सामग्री होती है।

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Published

2023-05-12

How to Cite

माहौर पवन कुमार. (2023). सहजन का चारा महत्व. खेती, 75(12), 34. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/298