मृदारहित सब्जियों की खेती

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Authors

  • किरण चैधरी राजस्थान कृषि अनुसंधान केंद्र, दुर्गापुरा-302018 (जयपुर)
  • सुनिता चैधरी शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जम्मू-180009

Abstract

वैज्ञानिक भाषा में इसे हाइड्रोपोनिक्स अर्थात जलकृषि के नाम से जाना जाता है। इस शब्द की उत्पत्ति दो ग्रीक शब्दों हाइड्रो तथा पोनोस से मिलकर हुई है। हाइड्रो का मतलब है पानी, जबकि पोनोस का अर्थ है कार्य। सामान्यतः पेड़-पौधे मिट्टी में ही उगाये जाते हैं। पौधे या पफसल उत्पादन के लिये मृदा का होना अत्यन्त आवश्यक है। इस तकनीकी में मृदा का प्रयोग किये बिना पौधों को उगाया जाता है। इस तकनीक में पौधों को पोषक तत्व, जल के द्वारा प्रदान किये जाते हैं। पौधों को सहारा देने व नमी धारण करने के लिये इसमें नारियल का बुरादा, हाइड्रोकाॅर्न आदि का प्रयोग किया जाता है। इस प्रक्रिया से उगाई गई पफसल कीटनाशक से मुक्त और अधिक पैदावार देने व बेहतर गुणवत्ता वाली होती है। इस बिधि द्वारा टमाटर, मिर्च, खीरा, पालक, स्ट्राॅबेरी, पूफलगोभी, पत्तागोभी, लेट्यूस, ब्रोकली, तुलसी, धनिया आदि सब्जियों की खेती की जा सकती है।

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Published

2023-05-16

How to Cite

चैधरी किरण, & चैधरी सुनिता. (2023). मृदारहित सब्जियों की खेती. खेती, 76(1), 40-41. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/323