शल्य चिकित्सा से दें वृक्षों को जीवनदान

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Authors

  • लोकेन्द्र सिंह भाकृअनुप-भाकृअनुसं, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • एस.एस. सिंधु भाकृअनुप-भाकृअनुसं, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • एम.सी. सिंह भाकृअनुप-भाकृअनुसं, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • प्रीति डागर भाकृअनुप-भाकृअनुसं, पूसा, नई दिल्ली-110012
  • अंकित भाकृअनुप-भाकृअनुसं, पूसा, नई दिल्ली-110012

Abstract

वृक्षों का हमारे जीवन में बहुत ही महत्व है। इनका पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में महत्वपूर्ण योगदान है। विभिन्न कारणों से वृक्ष भी अपना जीवनचक्र पूरा नहीं कर पाते हैं। इनमें पोषक तत्वों की कमी, कीट एवं रोग आदि प्रमुख कारण हैं। ऐसे में वृक्षों के मुख्य तने में खोखलेपन की समस्या बनी रहती है और वृक्ष समय से पहले ही टूट कर गिर जाते हैं। इस प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान से वृक्षों को बचाया जा सकता है। विशेष रूप से वृक्षों के तने में होने वाले खोखलेपन को यदि शल्य चिकित्सा करके ठीक कर दिया जाए, तो उनके जीवन की रक्षा की जा सकती है।

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Published

2023-08-10

How to Cite

सिंह लोकेन्द्र, सिंधु एस.एस., सिंह एम.सी., डागर प्रीति, & अंकित. (2023). शल्य चिकित्सा से दें वृक्षों को जीवनदान. खेती, 76(4), 02. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/609