नेपियर संकर घास की उत्पादकता बढ़ाएं

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Authors

  • बिरेन्द्र कुमार भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल-132001
  • राजेश कुमार मीणा भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल-132001
  • राकेश कुमार भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल-132001
  • घौस अली भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल-132001
  • प्रकाश वर्मा भाकृअनुप-राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान, करनाल-132001

Abstract

भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि के साथ पशुपालन अहम् योगदान दे रहा है। भारत का पशुधन क्षेत्रा दुनिया में सबसे विशाल है। देश में लगभग 20.5 करोड़ से ज्यादा लोगों का जीवन निर्वाह पशुपालन से होता है। सभी ग्रामीण परिवारों के औसत 14 प्रतिशत की तुलना में छोटे कृषि परिवारों की आय में पशुधन का योगदान 16 प्रतिशत है। यह लगभग 8.8 प्रतिशत आबादी को रोजगार भी प्रदान करता है। वर्तमान में, भारतीय सकल घरेलू उत्पादन में कृषि का योगदान लगभग 25.6 प्रतिशत है जबकि पशुधन का 4.11 प्रतिशत है। भारत, दुग्ध उत्पादन के क्षेत्रा में विश्व में प्रथम स्थान पर है। दुग्ध् उत्पादकता में आज भी कई देश हमसे आगे हैं। इसका कारण संतुलित एवं गुणवत्तायुक्त पशु आहार का न मिलना है। वर्तमान स्थिति में देश में लगभग 35 प्रतिशत हरा चारा, 10 प्रतिशत सूखा चारा और 44 प्रतिशत दाना राशन की कमी दर्ज की गई है। यह कमी पशुओं की दूध उत्पादकता को सीधा प्रभावित करती है।

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Published

2024-04-02

How to Cite

बिरेन्द्र कुमार, मीणा राजेश कुमार, राकेश कुमार, घौस अली, & प्रकाश वर्मा. (2024). नेपियर संकर घास की उत्पादकता बढ़ाएं. खेती, 76(9), 6-7. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/961