खीस का महत्व

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Authors

  • रोहिताश कुमार पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, नवानिया, उदयपुर (राजस्थान)
  • टीकम गोयल पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय, नवानिया, उदयपुर (राजस्थान)

Abstract

भारतीय अर्थव्यस्था में पशुपालन का बड़ा ही महत्वपूर्ण स्थान रहा है। खासकर ग्रामीण किसानों की आय का प्रमुख स्रोत पशुपालन ही है। पशुओं से प्रोटीन का स्रोत दूध तथा इससे बने उत्पाद, मांस से बनी वस्तुएं तथा चमड़े से बनी उपयोगी चीजों इत्यादि की प्राप्ति होती है। ये आम जनमानस के लिए अत्यंत ही उपयोगी होते हैं। पशुओं की नयी पीढ़ी उनके बछड़ों से तैयार होती है, परन्तु यदि इन नवजात बछड़ों-बछड़ियों की उचित देखभाल न की जाये, तो इनकी मृत्युदर में वृद्धि हो सकती है। इससे किसान को आर्थिक तौर पर तथा पशुधन दोनों की भारी हानि हो सकती है।

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Published

2024-04-02

How to Cite

रोहिताश कुमार, & टीकम गोयल. (2024). खीस का महत्व. खेती, 76(9), 17-18. https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/968