गोबर आधारित प्रसंस्करण से आर्थिक उत्थान
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आत्मनिर्भरता ##common.commaListSeparator## कृषिसार
भारतीय ग्रामीण समाज में महिलाएँ अक्सर घरेलू जिम्मेदारियों, सामाजिक सीमाओं और आर्थिक अभावों के कारण अपनी प्रतिभा और क्षमता को पूरा रूप नहीं दे पातीं। लेकिन कभी-कभी वही परिस्थितियाँ उसी व्यक्ति को आगे बढ़ने और नई राह बनाने की प्रेरणा भी देती हैं। राजस्थान के जिला टोंक के ग्राम झिलाय की निवासी श्रीमती निर्मला देवी इसका सशक्त उदाहरण हैं, जिन्होंने सीमित संसाधनों और संघर्षों के बीच भी अपनी मेहनत, संकल्प और सीखने की इच्छा के बल पर न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारी, बल्कि अपने क्षेत्र की महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गईं।
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