प्राकृतिक खेती बनी उद्यमिता का आधार
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प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवन, व उधमितासार
श्री धर्मवीर खीचड 48 वर्षीय प्रगतिशील जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसान, गांव डीलसर खुर्द, तहसील नवलगढ़, जिला झुंझुनूं (राजस्थान) के निवासी हैं। इन्होंने अपनी 4.00 हेक्टेयर सीमांत भूमि को सफलतापूर्वक विकसित किया है। किसान परिवार से होने के कारण इन्होंने परंपरागत खेती को अपनाया, लेकिन रासायनिक खेती की सीमाओं (उच्च लागत और मिट्टी की उर्वरता में कमी) को समझते हुए टिकाऊ और पर्यावरण अनुकूल खेती अपनाई।
इन्होंने 2008 से पहले जैविक खेती शुरू की 2022 में प्राकृतिक खेती अपनाई और 2025 में प्राकृतिक खेती के कई प्रशिक्षण लेकर अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया। शुरू में कम उत्पादन, बायो-इनपुट बनाने की कम जानकारी और बाजार की समस्या जैसी चुनौतियां थीं। बाद में अबूसर, झुंझुनूं के संपर्क में आने से तकनीकी मार्गदर्शन मिला और सफलता मिली।
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