आधुनिक खेती से टमाटर उत्पादन में मिली सफलता
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बदलते समय के साथ किसान अब पारंपरिक धान-गेहूं की खेती से आगे बढ़कर फूलों और सब्जियों की व्यावसायिक खेती की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। ऐसी फसलें,
जिनकी मांग वर्षभर बनी रहती है, किसानों के लिए अधिक लाभकारी सिद्ध होती हैं। टमाटर ऐसी ही एक महत्वपूर्ण सब्जी फसल है, जिसकी खपत घरों, होटलों और खाद्य
प्रसंस्करण उद्योगों में नियमित रूप से होती है। वर्तमान में वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग से टमाटर की खेती पारंपरिक पद्धतियों से आगे बढ़ चुकी है। उन्नत किस्मों एवं संकर
बीजों का चयन, स्वस्थ नर्सरी प्रबंधन, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई, मल्चिंग तथा समन्वित कीट एवं रोग प्रबंधन जैसी आधुनिक तकनीकों से उत्पादन और गुणवत्ता
दोनों में काफी सुधार हुआ है। इन तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उपज प्राप्त कर रहे हैं। ऐसी ही एक सफलता की कहानी मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भलोट गांव के प्रगतिशील किसान श्री सुनील कुमावत से जुड़ी है।
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