पशुओं में खाद्य विषाक्तता
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पशुपालन व्यवसाय में आहार पर सर्वाधिक व्यय होने के कारण संतुलित आहार का विशेष महत्व है। हरे चारे से न्यूनतम दर पर पोषक तत्वों की आपूर्ति के कारण इन्हें सर्वोत्तम पशु आहार माना गया है। अकाल की स्थिति होने के कारण इनकी उपलब्धता अत्यंत कम हो जाती है। चारे की पफसलों की बुआई के उपरांत पानी के अभाव के कारण पफसलों की बृद्धि रुक जाती है एवं चारा मुर्झाकर सूखने लगता है। इसके कारण अविकसित एवं मुर्झाये हुये चारे में विषाक्त तत्व उत्पन्न हो जाते हैं, जिनके सेवन से पशुओं में खाद्यजन्य विषाक्तता हो जाती है।
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