धान में रोग एवं कीट की रोकथाम
1690 / 92सार
खरीफ में धान प्रमुख पफसल है। यह सर्वाधिक क्षेत्रापफल पर रोपी/बोई जाती है तथा इसकी उत्पादकता बढ़ाने की कापफी सम्भावना है। यह तभी सम्भव हो सकता है, जब इसमें लगने वाले कीटों एवं रोगों का ठीक प्रकार से नियंत्राण किया जाये। प्रस्तुत लेख में इनकी रोकथाम के वैज्ञानिक तौर-तरीकों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया है।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-sa4.footer##खेती में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।