विदेशी सब्जियों से कमाई

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Authors

  • आँचल चैहान डाॅ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी जिला-सोलन, हिमाचल प्रदेश
  • हैप्पी देव शर्मा डाॅ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी जिला-सोलन, हिमाचल प्रदेश
  • दीपा शर्मा डाॅ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी जिला-सोलन, हिमाचल प्रदेश
  • राजीव कुमार डाॅ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी जिला-सोलन, हिमाचल प्रदेश
  • रीना कुमारी डाॅ. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी जिला-सोलन, हिमाचल प्रदेश

Abstract

विदेशी सब्जियां यूरोप व अमरीका जैसे देशों से भारत में लाई गईं। ये सब्जियां स्वादिष्ट होने के साथ-साथ प्रोटीन, शर्करा, लवण, विटामिन व खनिज पदार्थो से भरपूर होती हैं। ये सामान्यता सलाद, सूप, चाइनीज व्यंजनों व बर्गर में इस्तेमाल की जाती हैं तथा पाँच सितारा होटलों में इनकी काफी माँग होती है। भारत में पर्यटकों की बढ़ती हुई संख्या के कारण देश के पंचतारा व अन्य होटलों में विदेशी सब्जियों की माँग निरन्तर बढ़ती जा रही है। अन्य सब्जियों की तुलना में ये अध्कि दाम पर बिकती हैं। ये सब्जियाँ ठण्डे तापमान में उगाई जाती हैं। पहाड़ी इलाकों में विदेशी सब्जियां उगाने के लिए उपयुत्तफ वातावरण है। देश के अन्य हिस्सों में ये सब्जियां सर्दियों में लगाई जाती हैं तथा इसका उत्पादन दिसम्बर-जनवरी तक होता है। पहाड़ी इलाकों में विदेशी सब्जियां साल में दो बार मार्च-जून व जुलाई-अक्तूबर में उगा सकते हैं। मार्च में उगाई गई फसल, आफ सीजन होने के कारण किसानों को ज्यादा मुनापफा दे सकती है। अतः किसान विदेशी सब्जियों की खेती को अपनाकर अत्यधिक धन कमा सकते हैं।

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Published

2024-06-21

How to Cite

आँचल चैहान, हैप्पी देव शर्मा, दीपा शर्मा, राजीव कुमार, & रीना कुमारी. (2024). विदेशी सब्जियों से कमाई. फल फूल, 45(2), 4-7. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1146