भिण्डी की उन्नत खेती

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Authors

  • रामस्वरूप जाट राजमाता विजयाराजे सिंध्यिा कृषि विश्वविधलय, ग्वालियर, (म.प्र.)
  • बाबू लाल चौधरी कृषि अनुसंधन अध्किारी डेगाना, नागौर

Abstract

भिण्डी ऊष्ण भागों और शीतोष्ण प्रदेशों के गर्म क्षेत्रों पर उगाई जाने वाली सब्जी है। इसकी फसल उन क्षेत्रों में प्रमुखता से उगाई जा सकती है, जहां दिन का तापमान 2.5-4.0 डिग्री सें.ग्रे. के बीच में रहता है तथा रात्रि का तापमान 2.2 डिग्री सें.गे्र. से नीचे नहीं आता है। भिण्डी को इसके हरे, मुलायम एवं स्वादिष्ट फलों के लिए उगाया जाता है। भारत में मुख्य रूप से भिण्डी की दो फसलें ली जाती हैं, एक गर्मी में व दूसरी बरसात के मौसम में। देश के पर्वतीय क्षेत्रों में इसकी एक ही फसल ली जाती है, जिसकी बुआई मार्च-अप्रैल में की जाती है।

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Published

2024-06-21

How to Cite

रामस्वरूप जाट, & बाबू लाल चौधरी. (2024). भिण्डी की उन्नत खेती. फल फूल, 45(2), 31-32. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1157