मृदा में पोषक तत्वों को बढ़ाते जैविक पलवार

103 / 120

Authors

  • शिवानी रंजन सब्जी सस्य विज्ञान विभाग, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर-813210
  • सुमित सौ सब्जी सस्य विज्ञान विभाग, बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर, भागलपुर-813210

Abstract

वैश्वीकरण और स्वास्थ्य जागरूकता की वर्तमान स्थिति में पफसलों की मांग दुनियाभर में बढ़ी है। पफसलों की बाजार में प्रतिस्पर्ध और बढ़ती मांग के कारण किसानों को अंतर्राष्ट्रीय
बाजार में बने रहने के लिए अध्कि एवं उच्च गुणवत्ता वाली पफसलों का उत्पादन करने की आवश्यकता है। अनाज और बागवानी उत्पादकों को उत्पादन की अच्छी गुणवत्ता के
साथ उत्पादन बढ़ाने में जैविक पलवार एक अहम भूमिका निभाती है। पानी की कमी और जलवायु परिवर्तन के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों को देखते हुए, भारतीय किसानों
द्वारा बड़े पैमाने पर जैविक पलवार को अपनाने से कई समस्याओं को दूर करने में मदद मिलेगी। कई अध्ययनों से पता चला है कि जैविक पलवार मिट्टी के पोषक तत्वों को
बढ़ाती है, मिट्टी के इष्टतम तापमान को बनाए रखती है, मिट्टी की सतह से वाष्पीकरण की दर, खरपतवार की ब्रिद्धि और मिट्टी के कटाव को भी रोकती है। यह मृदा स्वास्थ्य
को बेहतर बनाने में भी मदद करती है। जैविक पलवार सस्ते पदार्थ हैं। इसलिए पलवार की लागत भी किपफायती है।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2022-11-16

How to Cite

रंजन शिवानी, & सौ सुमित. (2022). मृदा में पोषक तत्वों को बढ़ाते जैविक पलवार. फल फूल, 43(6), 14-15. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/13