सब्जियों की पौधशाला प्रबंधन

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Authors

  • राज कुमार Head, KVK(ICAR-VPKAS), Kafligair, Bageshwar
  • कनक लता कृषि विज्ञान केन्द्र (भा.कृ.अनु.प. - केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान) - पंचमहल
  • ए के राय KVK (ICAR-NRRI) Koderma
  • शक्ति खजुरिया
  • अमित कुमार KVK (ICAR-VPKAS) Bageshwar

Keywords:

सब्जियाँ, पौधशाला, प्रजातियाँ, पौध अनुकूलन

Abstract

सब्जियों की पौध कम स्थान पर अधिक देखरेख में तैयार करना पौधशाला कहलाती हैं। सब्जियाँ जैसे टमाटर, मिर्च, बैंगन, फूलगोभी, पत्ता गोभी, प्याज, इत्यादि की पौध, पौधशाला में तैयार करके खेत में रोपाई की जाती है। इससे बीज की बचत होती है, खेत की तैयार करने के लिए अधिक समय मिल जाता है और हरित गृह में पौध उगाकर अगेती फसल ली जा सकती है। सब्जियों की पौध तैयार करने के लिए सड़ी हुई गोबर की खाद, उठी हुई पौधशाला क्यारी, उचित गुणवत्ता वाला बीज, सही दुरी पर बीजों की बुवाई और सही मात्रा में उर्वरको और कीट नाशकों उपयोग करके स्वस्थ पौध तैयार की जा सकती है। सामान्यत: पौधशाला में बीज की बुवाई के 20-25 दिन बाद या पौध की लम्बाई 10-15 से.मी. या पौध में तीन-चार वास्तविक पत्तियाँ आ जाये, पौध रोपाई के लिए तैयार हो जाती है।  

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Author Biographies

  • कनक लता, कृषि विज्ञान केन्द्र (भा.कृ.अनु.प. - केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान) - पंचमहल

    कृषि विज्ञान केन्द्र (भा.कृ.अनु.प. - केंद्रीय शुष्क बागवानी संस्थान) - पंचमहल

  • ए के राय, KVK (ICAR-NRRI) Koderma

    KVK (ICAR-NRRI) Koderma

  • शक्ति खजुरिया

    KVK (ICAR-CIAH) Panchmahal

  • अमित कुमार, KVK (ICAR-VPKAS) Bageshwar

    KVK (ICAR-VPKAS) Bageshwar

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Published

2026-05-18

How to Cite

राज कुमार, कनक कनक लता, ए के राय, शक्ति खजुरिया, & अमित कुमार. (2026). सब्जियों की पौधशाला प्रबंधन. फल फूल, 47(3), 10-13. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1470