सूखे फूलों से महकता भविष्य

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Authors

  • Shubham Rai आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज, अयोध्या, उ.प्र.

Abstract

बढ़ते शहरीकरण और आधुनिकीकरण के कारण फूलों की खेती को वर्तमान में सबसे लाभकारी कृषि उद्यम माना जा रहा है। धार्मिक समारोहों, मदर डे, वैलेंटाइन डे और शादियों, त्योहारों,  के पीक सीजन में फूलों की अधिक मांग होती है परन्तु फूलों की अत्यधिक नाशवंत प्रकृति के कारण, इनमें से अधिकांश फूल जल्द ही सुख जाते हैं। जिससे किसानों को अच्छे दाम नही मिल पता हैं इन्ही सूखे फूलो का उपयोग करके इनको विभिन्न प्रकार के महंगे उत्पादों जैसे की बुकमार्क, अभिनंदन कार्ड,  फूलो की लालटेन, फोटो फ्रेम और फूल मोमबत्ती जैसे महंगे उत्पाद बना कर बाजार में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है और साथ-साथ फूलो का उपयोग भी हो जाता है महिलाएं छोटे स्तर पर यह उद्यम स्थापित कर सकती हैं फूलों से जुड़े यह हस्तशिल्प कार्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन का एक प्रभावी माध्यम बन सकते हैं

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Published

2025-11-01

How to Cite

Shubham Rai. (2025). सूखे फूलों से महकता भविष्य. फल फूल, 46(6). https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1492