आम के बाग में वैज्ञानिक सस्य क्रियाएं

8 / 14

Authors

  • राजेश कथवाल Dr.
  • पूनम सैनी

Keywords:

सुहागा , सिंचाई, हैरो, डोल, बाग में खेत में हैरो इत्यादि चलाने की व्यवस्था करना

Abstract

आम (मेंजीफेरा इंडिका) विटामिन ए और सी  से भरपूर फल देने वाला एक मजबूत, दीर्घजीवी उष्णकटिबंधीय फल वृक्ष है। इसे ‘फलों का राजा’ कहा जाता है। यह उष्णकटिबंधीय फल वृक्ष विश्व के लगभग 120 देशों में उगाया जाता है। वैश्विक उत्पादन का लगभग 60% हिस्सा भारत, चीन, थाईलैंड, इंडोनेशिया और मैक्सिको से आता है। आम के फल में पाए जाने वाले बायोएक्टिव यौगिक मैंज़ीफेरिन और लूपियोल एंटीऑक्सीडेंट तथा शोथ-रोधी गुणों से युक्त होते हैं, जो कोशिकीय क्षति से सुरक्षा और स्वास्थ्य-संरक्षण में सहायक हैं। आम के गूदे में लूपियोल लगभग 1.80 माइक्रोग्राम/ग्राम पाया जाता है। इसकी जड़ प्रणाली गहरी होती है, जो 6 मीटर से अधिक तक जा सकती है, इसलिए इसे गहरी मृदा  में लगाना लाभदायक रहता है। आम की लकड़ी का उपयोग पोल, औजार, फर्नीचर और जलावन में किया जाता है। यह कृषि‑वानिकी में महत्वपूर्ण वृक्ष है। इसकी 1000 से अधिक किस्में पोषण और आजीविका में इसका व्यापक महत्व को दर्शाती हैं। आम के बाग में वैज्ञानिक सस्य क्रियाएँ मिट्टी, जल, छाया और कीट-प्रबंधन को संतुलित कर उत्पादन, जल-दक्षता और आय बढ़ाती हैं।

Downloads

Download data is not yet available.

Author Biographies

  • राजेश कथवाल , Dr.

    Assistant Scientist (Agronomy)

    RRS (Horticulture), Buria (Yamunanagar)-135101

  • पूनम सैनी

    Dr. Poonam Saini

    Assistant Horticulturist

    RRS (Horticulture), Buria, Yamunanagar-135101

Downloads

Published

2026-10-08

How to Cite

राजेश कथवाल, & पूनम सैनी. (2026). आम के बाग में वैज्ञानिक सस्य क्रियाएं. फल फूल, 47(1). https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1593