पर्वतीय क्षेत्रों में पॉलीहाउस में टमाटर की खेती

40 / 63

Authors

  • रेनू सनवाल ICAR-VPKAS, Almora

Keywords:

पर्वतीय क्षेत्र, , पॉलीहाउस, कृषक आय

Abstract

टमाटर हमारे आहार में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाली एक प्रमुख सब्जी है। यह पौष्टिकता से भरपूर होता है तथा इसमें विटामिन सी, पोटेशियम, फोलेट और विभिन्न एंटीऑक्सिडेंट पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने, त्वचा की देखभाल करने और प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करने में सहायक होते हैं। इन पौष्टिक गुणों के कारण टमाटर का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। सामान्यतः टमाटर की खेती खुले खेतों में की जाती है, किंतु पर्वतीय क्षेत्रों में खुले वातावरण में तापमान, वर्षा तथा कीट–रोगों के प्रभाव के कारण इसकी उपज और गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। ऐसे में पॉलीहाउस तकनीक के अंतर्गत टमाटर की खेती एक प्रभावी विकल्प के रूप में उभरकर सामने आई है। पॉलीहाउस के नियंत्रित वातावरण में टमाटर की खेती करने से फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में वृद्धि होती है।

पर्वतीय क्षेत्रों में पॉलीहाउस के माध्यम से टमाटर उत्पादन करने से किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाली उपज प्राप्त होती है, जिसे बाजार में अधिक मूल्य पर बेचा जा सकता है। इससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने के साथ-साथ उन्हें स्थिर और नियमित आर्थिक लाभ भी प्राप्त होता है। इसके अतिरिक्त पॉलीहाउस तकनीक के उपयोग से पानी की खपत कम होती है तथा फसलों पर कीट और रोगों का प्रभाव भी अपेक्षाकृत कम पड़ता है, जिससे फसल प्रबंधन और सुरक्षा आसान हो जाती है।

इस प्रकार, पॉलीहाउस में टमाटर की खेती पर्वतीय क्षेत्रों के लिए एक लाभकारी कृषि विकल्प सिद्ध हो सकती है, जो न केवल खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ करती है बल्कि किसानों की आय बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2026-05-18

How to Cite

रेनू सनवाल. (2026). पर्वतीय क्षेत्रों में पॉलीहाउस में टमाटर की खेती. फल फूल, 47(3), 14-16. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1640