विदेशी सब्जियों की समन्वित खेती से मिली सफलता

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Authors

  • Bhupendra Singh Kharayat KVK Matela Almora, GBPUAT, Pantnagar, Uttarakhand
  • मुक्ता नैनवाल कृषि विज्ञान केंद्र, मटेला, कोसी, अल्मोड़ा, उत्तराखंड
  • उमा नौलिया कृषि विज्ञान केंद्र, मटेला, कोसी, अल्मोड़ा, उत्तराखंड
  • सी. तिवारी कृषि विज्ञान केंद्र, मटेला, कोसी, अल्मोड़ा, उत्तराखंड

Keywords:

Climate change, Migration, wild animals, Prakash chandra uppdhay

Abstract

उत्तराखंड विषम भौगोलिक परिस्थितियों, बदलती जलवायु, पलायन, खेती से विमुख होते युवा और जंगली जानवरों जैसी कड़ी चुनौतियों वाला एक पहाड़ी राज्य। जंगली जानवरों के कारण पहाड़ों पर बंजर होती जमीन और आजीविका की तलाश में पहाड़ों से शहरों की ओर बढ़ते युवाओं के बीच अल्मोड़ा के ’’प्रकाश चन्द्र उपाध्याय’’ ने इन सभी चुनौतियों से जूझते हुए खेती का ऐसा लाभदायक मॉडल खड़ा किया, जो बंजर होते पहाड़ों में उम्मीद की एक नई किरण साबित हो रहा है। शिक्षक पद से 2017 मंे सेवानिवृत्त होने के बाद, जहां कई लोगों ने उन्हें बड़े शहरों में बसने की सलाह दी, वहीं उन्होंने अपने पहाड़ और मिट्टी से जुड़कर अपने क्षेत्र में खेती को चुना। प्रकाश चन्द्र उपाध्याय मूल रूप से ग्राम-खनूली, पो०ओ०-मासी, विकासखण्ड-चैखुटिया, जिला-अल्मोड़ा के निवासी हैं।

 

 

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Published

2026-07-16

How to Cite

Kharayat, B. S., नैनवाल मुक्ता, नौलिया उमा, & तिवारी सी. (2026). विदेशी सब्जियों की समन्वित खेती से मिली सफलता. फल फूल, 47(4). https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1917