मधुमेह उपचार में लाभदायक गुड़मार

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Authors

  • पूनम गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकीय विश्वविद्यालय, पंत नगर उत्तराखंड
  • प्रवीण कुमार सिंह गुर्जर गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकीय विश्वविद्यालय, पंत नगर उत्तराखंड
  • पुष्पेंद्र राजपूत राजमाता विजयाराजे सिंध्यिा कृषिविश्वविद्यालय, ग्वालियर, म.प्र
  • शुभम सिंह राठौर राजमाता विजयाराजे सिंध्यिा कृषिविश्वविद्यालय, ग्वालियर, म.प्र

Abstract

गुड़मार एक बेलनुमा औषधीय लता है। गुड़मार के पत्ते, तने और जड़ों का आयुर्वेद में काफी महत्व है। काष्ठयुत्तफ रोएंदार इस लता के पत्ते गुणकारी हैं और इसकी खेती अति लाभकारी है। यह कई तरह के रोगों में रामबाण इलाज है खासकर मधुमेह और लिवर संबंधी समस्याओं में इसे बेहद कारगर माना जाता है। इसे मधुमेह का दुश्मन और लिवर का टाॅनिक भी कहते हैं। इसमें शर्करा विरोधी तत्व जैसे जिमनेमिक एसिड एबीसी है, इसीलिए यह औषधीय गुणों की खान है। इस पर पीले भड़कीले फूलों के गुच्छे लगते हैं। इसकी पत्तियां 5 से 7 सेंटीमीटर लंबी होती हैं। इसके पत्ते चबाने से मुंह का स्वाद थोड़ी देर के लिए समाप्त हो जाता है। इसलिए इसे गुड़मार कहा जाता है। यह सिपर्फ मधुमेह या लिवर ही नहीं, डायरिया, पेचिश, पेट दर्द आदि के उपचार में भी उपयोग किया जा सकता है।

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Published

2023-05-17

How to Cite

पूनम, गुर्जर प्रवीण कुमार सिंह, राजपूत पुष्पेंद्र, & राठौर शुभम सिंह. (2023). मधुमेह उपचार में लाभदायक गुड़मार. फल फूल, 44(3), 7-8. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/336