आम के फल विकारों का निदान

148 / 41

Authors

  • शरद कुमार द्विवेदी भाकृअनुप-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, पोस्ट- काकोरी, रहमानखेड़ा, लखनऊ
  • विशम्भर दयाल भाकृअनुप-केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान, पोस्ट- काकोरी, रहमानखेड़ा, लखनऊ

Abstract

आम (मैंगीपफेरा इंडिका) निस्संदेह एक महत्वपूर्ण फल है। भारत में समाज के सभी वर्गों के मध्य आम सबसे पसंदीदा फलों में से एक है। अनूठे स्वाद, लुभावनी सुगंध्, अनुकरणीय
औषधीय गुण तथा अत्यध्कि पोषक मूल्यों के कारण, इसे उष्णकटिबंधीय पफलों का राजा माना जाता है। विश्व के कुल फल क्षेत्रापफल में भारत का योगदान क्रमशः 49.62 प्रतिशत
और विश्व के उत्पादन में 42.06 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश में आम का उत्पादन देश में सबसे अधिक यानी 23.85 प्रतिशत है। आम के क्षेत्रफल के मामले में उत्तर प्रदेश दूसरे स्थान पर है, लेकिन उत्तर भारत में उत्पादन और उत्पादकता में पहले स्थान पर है। भारत में आम की विभिन्न किस्मों की खेती की जाती है लेकिन पसंद के मामले में दशहरी किस्म पहले स्थान पर रहती है। दशहरी फल मध्यम आकार का, गूदा रेशेदार तथा अच्छी गुणवत्ता वाला होता है। इसके अलावा दशहरी किस्म, उत्तर भारत में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में वाणिज्यिक उत्पादकों की भी पसंद है।

Downloads

Download data is not yet available.

Downloads

Published

2023-05-17

How to Cite

द्विवेदी शरद कुमार, & दयाल विशम्भर. (2023). आम के फल विकारों का निदान. फल फूल, 44(3), 17-19. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/341