किन्नू की सघन बागवानी

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Authors

  • अंजली सोनी भाकृअनुप - भारतीय कृषि अनुसन्धन संस्थान, नई दिल्ली
  • निमिषा शर्मा भाकृअनुप - भारतीय कृषि अनुसन्धन संस्थान, नई दिल्ली
  • राध मोहन शर्मा भाकृअनुप - भारतीय कृषि अनुसन्धन संस्थान, नई दिल्ली
  • अनिल कुमार दुबे भाकृअनुप - भारतीय कृषि अनुसन्धन संस्थान, नई दिल्ली

Abstract

वर्तमान में विश्व की जनसंख्या 6-7 बिलियन है जो कि 2050 तक 10 बिलियन हो जाएगी। इस बढ़ती हुई आबादी को कम होती कृषि योग्य भूमि से खाद्य तथा पोषक सुरक्षा देना एक कठिन चुनौती है। बढ़ती जनसंख्या को पर्याप्त पोषक आहार देने के लिए भोजन में धान्य पफसलों का क्षेत्राफल कम करके अधिक उत्पादन देने वाले फलों का अनुपात बढ़ाना अनिवार्य है। फलों से अधिक आमदनी लेने के लिए सघन बागवानी एक अच्छा विकल्प है। विभिन्न फल वृक्षों में नीबूवर्गीय फलों की भण्डारण क्षमता अच्छी होने के कारण इनको दूर मंडियों में भेजकर आमदनी में अध्कि बढ़ोतरी की जा सकती है।

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Published

2023-07-05

How to Cite

सोनी अंजली, शर्मा निमिषा, शर्मा राध मोहन, & दुबे अनिल कुमार. (2023). किन्नू की सघन बागवानी. फल फूल, 44(4), 25-26. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/492