पपीते की लें भरपूर फसल

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Authors

  • चंदन कुमार काजरी-कृषि विज्ञान केन्द्र, पाली-मारवाड़ राजस्थान
  • धीरज सिंह काजरी-कृषि विज्ञान केन्द्र, पाली-मारवाड़ राजस्थान
  • महेन्द्र चौधरी काजरी-कृषि विज्ञान केन्द्र, पाली-मारवाड़ राजस्थान
  • ए.एस. तेतरवाल काजरी-कृषि विज्ञान केन्द्र, पाली-मारवाड़ राजस्थान
  • भोला राम कुड़ी काजरी-कृषि विज्ञान केन्द्र, पाली-मारवाड़ राजस्थान

Abstract

पपीता, पोषक तत्वों से भरपूर अत्यन्त स्वास्थवर्धक, पाचक व जल्दी तैयार होने वाला फल है। यह विटामिन ‘ए’ और ‘सी’ से समृद्ध होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इसमें मौजूद बीटा-कैरोटिन आँखों की सेहत के लिए काफी फायदेमंद है। इसके पके फलों का उपयोग फल, मुरब्बा, जैम एवं फल शेक के रूप में किया जाता है। इसके फलों का पाचक गुणांक अच्छा होने के कारण बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बृद्धि एवं रोगी व्यत्तियों के लिए बहुत उपयोगी है। इसमें मौजूद फाइबर दिल एवं डायबिटीज के रोगियों के लिए अच्छा माना जाता है। यह काॅलेस्ट्राॅल नियंत्रित करने में भी सहायक सिद्ध होता है। इसके हरे एवं कच्चे फलों को पेपेन निष्कर्षण के लिए और सब्जियों के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके पत्ते का रस डेंगू का इलाज करने में बहुत उपयोगी है।

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Published

2024-01-18

How to Cite

कुमार चंदन, सिंह धीरज, चौधरी महेन्द्र, तेतरवाल ए.एस., & कुड़ी भोला राम. (2024). पपीते की लें भरपूर फसल. फल फूल, 45(1), 4-5. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/831