बैंगन की वैज्ञानिक खेती एवं देखभाल

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Authors

  • शशांक शेखर सोलंकी कृषि अनुसंधन संस्थान, पटना (बिहार कृषि विश्वविद्यालय)
  • संगीता कुमारी तिरहुत कृषि महाविद्यालय, ढोली-डाॅ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, बिहार
  • रणधीर कुमार कृषि अनुसंधन संस्थान, पटना (बिहार कृषि विश्वविद्यालय)
  • एन वाई आजमी कृषि अनुसंधन संस्थान, पटना (बिहार कृषि विश्वविद्यालय)
  • कमलेश कुमार सिंह कृषि अनुसंधन संस्थान, पटना (बिहार कृषि विश्वविद्यालय)

Abstract

बैंगन की उत्पत्ति भारत में हुई है। विश्व में सबसे ज्यादा बैंगन, चीन में उगाया जाता है एवं इसके बाद भारत दूसरे स्थान पर आता है। बहुत से लोग बैंगन को अपने किचन गार्डन एवं छत पर बागवानी के तौर पर भी उगाते हैं। शहरी क्षेत्रों में इसे गमले, कंटेनर और ग्रो बैग में भी बहुत आसानी से उगाया जाता है। बैंगन, विटामिन और खनिजों का अच्छा स्रोत है। पौष्टिकता की दृष्टि से इसे टमाटर के समकक्ष समझा जाता है। बैंगन की खेती पूरे वर्ष की जा सकती है। इसकी फसल, बाकी फसलों से ज्यादा सख्त होती है। इसके सख्त होने के कारण, इसे शुष्क और कम वर्षा वाले क्षेत्रों में भी उगाया जा सकता है।

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Published

2024-01-18

How to Cite

सोलंकी शशांक शेखर, कुमारी संगीता, कुमार रणधीर, आजमी एन वाई, & सिंह कमलेश कुमार. (2024). बैंगन की वैज्ञानिक खेती एवं देखभाल. फल फूल, 45(1), 6-7. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/833