चन्द्रशूर है औषधीय पौधा

1993 / 160

लेखक

  • पवन कुमार मालव भाकृअनुप-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली-110012
  • रणबीर सिंह राठी भाकृअनुप-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली-110012
  • पंकज कुमार कनौजिया भाकृअनुप-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली-110012
  • अनिल पाटीदार भाकृअनुप-केन्द्रीय शुष्क क्षेत्रा अनुसंधन संस्थान, जोध्पुर-342003
  • कैलाश चंद्र भट्ट भाकृअनुप-राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो, नई दिल्ली-110012

सार

चन्द्रशूर का वानस्पतिक नाम लेपीडियम सेटाईवम है। यह क्रूसिपफेरी (सरसों) कुल का सदस्य है। यह औषधीय गुणों से भरपूर एकवर्षीय, तेजी से बढ़ने वाला तिलहनी शाकीय पौध है। इस औषधीय वनस्पति को असारिया, आरिया, हालिम आदि नामों से भी जाना जाता है। इसकी खेती उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात तथा मध्य प्रदेश में व्यवसायिक स्तर पर की जा रही है। इसका पौध 30-60 सें.मी. ऊंचा, तना सीध व अरोमिल होता है, जिसकी उम्र लगभग 3-4 माह तक होती है। इसके फूल सफेद से गुलाबी रंग के द्विलिंगी होते हैं।

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प्रकाशित

2024-06-25