पपीता में रोग प्रबंधन
337 / 66सार
पपीता, एक पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक फल है। विटामिन और खनिजों से भरपूर यह फल बेहद स्वादिष्ट होता है। इसका उपयोग औषधीय रूप में भी किया जाता है। आसानी से उपलब्ध् होने वाले पपीते के उत्पादन में कुछ खास बातों का ध्यान रखकर इसकी रोगों से रक्षा की जा सकती है और बेहतरीन उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-sa4.footer##फल फूल में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।