पपीता में रोग प्रबंधन

लेखक

  • विजेंद्र कुमार श्री देव सुमन उत्तराऽण्ड विश्वविद्यालय, टिहरी गढ़वाल
  • राजेश श्री देव सुमन उत्तराऽण्ड विश्वविद्यालय, टिहरी गढ़वाल
  • सुनील कुमार श्री देव सुमन उत्तराऽण्ड विश्वविद्यालय, टिहरी गढ़वाल
  • मनोज कुमार भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधन संस्थान, दिल्ली
  • शकुंतला भाकृअनुप-अखिल भारतीय समन्वित बाजरा अनुसंधन संस्थान, जोधपुर

सार

पपीता, एक पौष्टिक एवं स्वास्थ्यवर्धक फल है। विटामिन और खनिजों से भरपूर यह फल बेहद स्वादिष्ट होता है। इसका उपयोग औषधीय रूप में भी किया जाता है। आसानी से उपलब्ध् होने वाले पपीते के उत्पादन में कुछ खास बातों का ध्यान रखकर इसकी रोगों से रक्षा की जा सकती है और बेहतरीन उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।

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प्रकाशित

2024-06-25

कैसे उद्धृत करें

विजेंद्र कुमार, राजेश, सुनील कुमार, मनोज कुमार, & शकुंतला. (2024). पपीता में रोग प्रबंधन. फल फूल, 45(3), 18-19. https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1177