गलगल छिलके की कैंडी: अपशिष्ट से उपयोगी
10 / 12सार
हाल के वर्षों में फल प्रसंस्करण उद्योगों से उत्पन्न अपशिष्ट का उपयोग एक बड़ी चुनौती बन गया है। हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी नींबू (गलगल) का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है, जिसका रस निकालने के बाद छिलका और गूदा अपशिष्ट रूप में बच जाता है। इस अध्ययन में गलगल के छिलके का उपयोग करके कैंडी नामक मूल्यवर्धित उत्पाद विकसित किया गया, जिससे फल के व्यावसायिक महत्व में वृद्धि और कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी लाई जा सके।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-nd4.footer##फल फूल में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।