गलगल छिलके की कैंडी: अपशिष्ट से उपयोगी

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Authors

  • प्रीति चौधरी College of Horticulture and Forestry (YSP UHF)) Neri Hamirpur
  • मीनाक्षी ठाकुर

Abstract

हाल के वर्षों में फल प्रसंस्करण उद्योगों से उत्पन्न अपशिष्ट का उपयोग एक बड़ी चुनौती बन गया है। हिमाचल प्रदेश में पहाड़ी नींबू (गलगल) का उत्पादन अधिक मात्रा में होता है, जिसका रस निकालने के बाद छिलका और गूदा अपशिष्ट रूप में बच जाता है। इस अध्ययन में गलगल के छिलके का उपयोग करके कैंडी नामक मूल्यवर्धित उत्पाद विकसित किया गया, जिससे फल के व्यावसायिक महत्व में वृद्धि और कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी लाई जा सके।

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Published

2026-10-08

How to Cite

प्रीति चौधरी, & मीनाक्षी ठाकुर. (2026). गलगल छिलके की कैंडी: अपशिष्ट से उपयोगी. फल फूल, 47(1). https://epatrika.icar.org.in/index.php/phalphool/article/view/1596