उत्तर भारत में स्ट्रॉबेरी की खेती
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स्ट्राॅबेरी एक शाकीय, छोटा, कोमल तथा बहुवर्षीय पौध है जिसका वानस्पतिक नाम फ्रेगेरिया अननासा है। यह रोजेसी कुल का सदस्य है। स्ट्राॅबेरी के पफल मध्यम आकार (10 से 15 ग्राम), चित्ताकर्षक, सुवासयुक्त और सिंदूरी रंग लिए हुए बहुत ही नरम बड़े लुभावने, रसीले एवं पौष्टिक होते हैं। इनका खाने योग्य भाग लगभग 98 प्रतिशत है। इसमें विटामिन-सी तथा लौह तत्व प्रचुर मात्रा में उपलब्ध् होते हैं। यह अन्य पफल वाली पफसलों की तुलना में उपलब्धि (3 से 4 महीने) में ज्यादा मुनापफा देती है।
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