आंवला है गुणकारी
657 / 188सार
प्राचीन काल से भारत में आंवले को अमृत पफल के नाम से जाना जाता है। इसमें विटामिन सी अध्कि मात्रा में पाया जाता है जो कई रोगों के उपचार में काम में लिया जाता है। यह अध्कि उत्पादनशील और मौसम के प्रति सहनशील होने के कारण भारत के विभिन्न स्थानों पर उगाया जाता है। इसमें अध्कि पोषक तत्वों की उपलब्ध्ता और रोगों के उपचार की क्षमता होने के कारण यह प्रसंस्करण प्रक्रिया के लिए उपयुत्तफ है। इससे मुरब्बा, कैंडी, अचार, आयुर्वेदिक उत्पाद जैसे त्रिपफला, च्यवनप्राश आदि बनाये जाते हैं।
##plugins.themes.default.displayStats.downloads##
##submission.downloads##
प्रकाशित
अंक
खंड
##submission.license##
##submission.copyrightStatement##
##submission.license.cc.by-nc-sa4.footer##फल फूल में प्रकाशित लेखों का कॉपीराइट भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पास निहित है, जिसे भारत या विदेश में किसी भी संगठन के साथ किसी भी समझौते में प्रवेश करने का अधिकार है, जो रिप्रोग्राफी, फोटोकॉपी, भंडारण और सूचना के प्रसार में शामिल है। इन पत्रिकाओं में सामग्री का उपयोग करने में परिषद को कोई आपत्ति नहीं है, बशर्ते जानकारी का उपयोग अकादमिक उद्देश्य के लिए किया जा रहा हो, लेकिन व्यावसायिक उपयोग के लिए नहीं। आईसीएआर को देय क्रेडिट लाइन दी जानी चाहिए जहां सूचना का उपयोग किया जाएगा।