कृषि में बढ़ती ड्रोन की उपयोगिता


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लेखक

  • मनोज कुमार बेक भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली-110012
  • अनन्ता वशिष्ठ भाकृअनुप-भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली-110012

सार

ड्रोन एक चालकरहित विमान है। इसे कहीं दूर से रिमोट या कम्प्यूटर द्वारा चलाया जा सकता है। ड्रोन को उड़ने की ऊंचाई, आकार इसके वजन उठाने की क्षमता और पहुंच क्षमता के आधार पर कई तरीकों से वर्गीकृत किया जा सकता है। चरम मौसम की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे कृषि उत्पादकता में बाधाएं उत्पन्न हो रही हैं। कृषि उत्पादकता बढ़ाने और स्थिरता को प्राथमिकता देने के लिये वास्तविक समय में आंकड़े एकत्रा करने और प्रसंस्करण के आधार पर योजना और रणनीति के साथ ड्रोन तकनीकी, कृषि को एक उच्च-प्रौद्योगिकी में बदल सकती है।

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प्रकाशित

2023-05-16

कैसे उद्धृत करें

बेक म. क., & वशिष्ठ अ. (2023). कृषि में बढ़ती ड्रोन की उपयोगिता. खेती, 76(1), 37–39. Retrieved from https://epatrika.icar.org.in/index.php/kheti/article/view/322

अंक

खंड

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